Best 50+ Gulzar Shayari In Hindi – गुलज़ार शायरी

Gulzar Shayari in Hindi:- आज की पोस्ट हैं भारतीय सिनेमा जगत के मशहूर गीतकार, विश्व प्रसिद्ध शायर, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक तथा नाटक-कार गुलज़ार जी पर आधारित हैं. गुलज़ार जी को आज के समय में कौन नहीं जानता।

दोस्तों आज हम आपके लिए पेश कर रहे हैं प्यार पर बेस्ट 100+ गुलजार शायरी हिंदी में। गुलजार शायरी (Gulzar Shayari In Hindi) हिंदी में। गुलज़ार साहब की कुछ प्रसिद्ध शायरी और गज़ल।

आज Gulzar Special में पढ़ेंगे गुलज़ार साहब द्वारा लिखे गए “Gulzar Quotes”, Gulzar Quotes On Life, Gulzar Shayari, को Gulzar Shayari Image के साथ.

गुलज़ार साहब और उनके शुरुआती जीवन के बारे में

भारत के बटवारे के समय इनका परिवार पकिस्तान के दीना गाँव को छोड़ कर अमृतसर आकर बस गए. गुलज़ार साहब ने अपने जीवन बहुत संघर्ष किया, शुरू में जब वो मुंबई आये तो उन्होंने वर्ली के एक गेरेज में वे बतौर मेकेनिक काम किया।

और साथ ही कविता लिखने के शौक़ के कारण अपने खाली समय में कविताये लिखते। धीरे-धीरे फ़िल्म इंडस्ट्री में उनकी पकड़ बनने लगी। हुए साथ ही बॉलीवुड सिनेमा से जुड़ गए। 1963 आयी फिल्म बन्दिनी से ही फ़िल्मी जगत की दुनिया में प्रवेश किया जिसके निर्देशक, निर्माता बिमल राय थे और इसी फिल्म के साथ उन्होंने अपने गाने लिखने की शुरुआत की.

वर्ष 2009 में डैनी बॉयल द्वारा निर्देशित फिल्म स्लम्डाग मिलियनेयर में उनके द्वारा लिखे गीत “जय हो” के लिये उन्हे सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर पुरस्कार मिल चुका है। 2002 में सहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2004 में भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसी गीत के लिये उन्हे ग्रैमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

Gulzar Shayari in Hindi

1. मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता,
हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।

Main Har Raat Ki Khwahishon Ko Khud Se Pahale Sula Deta,
Hun Magar Roz Subah Ye Mujhase Pahalae Jaag Jati Hain…

Gulzar Shayari

2. हम समझदार भी इतने हैं के उनका झूठ पकड़ लेते हैं
और उनके दीवाने भी इतने के फिर भी यकीन कर लेते है।

Ham samajhdar bhi itne Hain Ki Unka Jhooth
pakad lete hain Aur unke Deewane bhi itne
Hain Ki fir bhi Yakin kar lete hain…

3. कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती है
कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता।

Kabhi jindagi ek pal me gujar jaati hai
Kabhi jindagi ka ek pal nhi gujarta

4. दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा,
इसका शायद कोई हल नहीं हैं।

Dil Agar Hain To Dard Bhi Hoga,
Isaka Shayad Koi Hal NAHI Hoga..

5. मिलता तो बहुत कुछ है इस
ज़िन्दगी में, बस हम गिनती उसी
की करते है जो हासिल ना हो सका।

Milana To Bahut Kuchh Hain Is Zindagi Me,
Bas Ham Ginati Usi Ki Karate Hain, Jo Hasil Na Ho Saka..

6. हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते

Haath Chhooten Bhee To Rishte Nahin Chhoda Karate
Waqt Kee Shaakh Se Lamhe Nahin Toda Karate..!!

7. ज़मीं सा दूसरा कोई सख़ी कहाँ होगा
ज़रा सा बीज उठा ले तो पेड़ देती है।

Zameen Sa Doosara Koee Sakhee Kahaan Hoga
Zara Sa Beej Utha Le To Ped Detee Hai..!!

8. जो जाहिर करना पड़े, वो दर्द कैसा,
और जो दर्द न समझ सके, वो हमदर्द कैसा।

Jo jaahir karana pade, Wo dard kaisa,
Aur jo dard na samajh sake, Wo hamadard kaisa…

9. प्यार में कितनी बाधा देखि,
फिर भी कृष्ण के संग राधा देखि।

Pyar me kitni badha dekhi,
Fir bhi krishna ke sang radha dekhi…

10. जो उम्र भर भी न मिल सके,
उसे उम्र भर चाहना इश्क हे.

Jo umr bhar bhee na mil sake,
Use umr bhar chahna ishk he…

11. तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,
रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं।

Tere JANE Se To Kuchh Badala Nahi,
Raat Bhi Aayi Chand Bhi Tha, Magar Neend Nahi…

12. रोई है किसी छत पे, अकेले ही में घुटकर,
उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश।

Royi Hain Kisi Chhat Pe, Akeli Hi Me Ghutkat,
Utari Jo Labon Par To Wo Namkin Thi Barish…

13. हम तो अब याद भी नहीं करते,
आप को हिचकी लग गई कैसे?

Ham To Ab Yaad Bhi Nahi Karate,
Aap Ko Hichakiyan Lag Kaise Lagi?

14. आप के बाद हर घड़ी हम ने
आप के साथ ही गुज़ारी है।

Aap Ke Baad Har Ghadee Ham Ne
Aap Ke Saath Hee Guzaaree Hai…

15. दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई।

Din Kuchh Aise Guzaarata Hai Koee
Jaise Ehasaan Utaarata Hai Koee…

16. सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम,
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं।

Suna Hain Kafi Padh Likh Gaye Hoo Tum,
Kabhi Wo Bhi Padhon Jo Ham Kah Nahi Pate Hain…

17. इश्क उसे भी था, इश्क मुझे भी था,
कम्बख्त, उम्र बिच में आगई।

Ishq usse bhi tha, Ishq muze bhee tha,
Kamabakht, Umra beech me aagai…

18. जो जाहिर करना पड़े, वो दर्द कैसा,
और जो दर्द न समझ सके, वो हमदर्द कैसा।

Jo jaahir karana pade, Wo dard kaisa,
Aur jo dard na samajh sake, Wo hamadard kaisa…

19. आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई।

Aaina Dekh Kar Tasallee Huee
Ham Ko Is Ghar Mein Jaanata Hai Koee…

20. मैं दिया हूँ! मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं,
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं।

Main Diya Hun! Meri Dushamani To Sirf Andhere Se Hain,
Hawa To Bewajah Hi Mere Khilaf Hain…

21. सारी उम्र तुझे मेरी कमी रही हे,
रब करे तेरी उम्र बहुत लम्बी रहे।

Saree umra tujhe meri kami rahi he,
Rab kare teri umr bahut lambee rahe…

22. बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती।

Bahut Andar Tak Jala Deti Hain,
Wo Shikayate Jo Bayan Nahi Hoti…

23. तुम्हारी ख़ुश्क सी आँखें भली नहीं लगतीं
वो सारी चीज़ें जो तुम को रुलाएँ, भेजी हैं।

Tumhaaree Khushk See Aankhen Bhalee Nahin Lagteen
Vo Saaree Cheezen Jo Tum Ko Rulaen, Bhejee Hain…

24. मोहब्बत थी तो, चाँद था,
उतर गई तो, दाग भी दिखने लगे।

Mohabbat thee to, Chaand tha,
Utar gayi to, Daag bhi dikhane lage…

25. इतना क्यों सिखाई जा रही हो जिंदगी
हमें कौन से सदिया गुजारनी है यहां।

26. हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते।

Haath Chhooten Bhee To Rishte Nahin Chhoda Karate
Waqt Kee Shaakh Se Lamhe Nahin Toda Karate…

27. सालो बाद मिले वो, गले लगकर रोने लगे,
जाते वक्त जिसने कहा था, तुम्हारे जैसे हजार मिलेंगे।

Saalo baad mile wo, Gale lagakar rone lage, Jaate
wakt jisane kaha tha, Tumhaare jaise hajar milenge…

28. शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है।

Shaam Se Aankh Mein Namee See Hai
Aaj Phir Aap Kee Kamee See Hai…

29. सबके सामने हाथ पकड़, लेता हे तुम्हारा,
ये चूड़ीवाला भी एक दिन, मार खायेगा मुझसे।

Sabake saamane hath pakad, Leta he tumhaara,
Ye chudeewala bhi ek din, Maar khayega mujhase…

30. मैं वो क्यों बनु जो तुम्हें चाहिए
तुम्हें वो कबूल क्यों नहीं जो मैं हूं।

31. बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती।

Gulzar Shayari in Hindi

32. एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम जिंदगी हैं।

33. पहली मोहब्बत, मुकदमे की तरह होती हे, ना खतम
होती हे, ना इंसान को, बाइज्जत बरी करती हे।

34. हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में,
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया।

Ham Ne Aksar Tumhari Raahon Me
Ruk Kar Apana Hi Intzaar Kiya

35. हाथ छुटे तो भी रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक़्त की शाख से रिश्ते नहीं तोड़ा करते।

haath chhute to bhee rishte nahin chhoda karate,
vaqt kee shaakh se rishte nahin toda karate…

36. घर में अपनों से उतना ही रूठो कि आपकी
बात और दूसरों की इज्जत, दोनों बरक़रार रह सके।

37. वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर,
आदत इस की भी आदमी सी है।

Waqt Rahata Nahi Kahi Tik Ke,
Aadat Is Ki Adami Si Hain…

38. मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता,
हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।

Main Har Raat Ki Khwahishon Ko Khud Se Pahale Sula Deta,
Hun Magar Roz Subah Ye Mujhase Pahalae Jaag Jati Hain…

39. कुछ बातें तब तक समझ में नहीं
आती जब तक ख़ुद पर ना गुजरे।

40. एक बार तो यूँ होगा, थोड़ा सा सुकून होगा,
ना दिल में कसक होगी, ना सर में जूनून होगा।

Ek Baar To U Hoga, Thoda Sa Sukun Hoga,
Naa Dil Me Kasak Hogi, Naa Sar Me Junun Hoga…

41. ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र के साथ,
बस बचपन की जिद्द समझौतों में बदल जाती हैं।

Jyaada Kuchh nahi Badalata Umr Ke Sath,
Bas Bachapan Ki Zidd Samjhauto Me Badal Jati Hain…

42. लकीरें हैं तो रहने दो किसी ने रूठ कर
गुस्से में शायद खींच दी थी उन्ही को
अब बनाओ पाला, और आओ कबड्डी खेलते हैं।

43. थोडा सा हस के थोडा सा रुला के,
पल यही जानेवाले हैं।

Thoda Sa Hans Ke Thoda Sa Rula Ke,
Pal Yahi Jane Wala Hain…

44. ये कैसा रिश्ता हुआ इश्क में वफ़ा का भला,
तमाम उम्र में दो चार छ: गिले भी नहीं।

Ye Kaisa Rishta Hua Ishq Me, Wafa Ka Bhala?
Tamaam Umr Me Do-Char-Chh: Jile Nhai…

45. बेहिसाब हसरते ना पालिये
जो मिला हैं उसे सम्भालिये।

46. आदतन तुम ने कर दिए वादे,
आदतन हम ने ए’तिबार किया।

AadatanTum Ne Kar Diye Wade,
Aadatan Ham Ne Etibaar Kiya…

47. एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है,
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की।

Ek Hi Khwaab Ne Sari Raat jagaya Hain.
Main Ne Har karwat Sone Ki Koshish Ki…

48. मैं चुप कराता हूं हर शब उमड़ती बारिश को,
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है।

Main Chup Hun Har Shab Umadati Barish Ko,
Magar Ye Roz Gayi Baat Chhed Deti Hain…

49. तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी,
जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं।

Taklif Khud Ki Kam Ho Gayi,
Jab Apano Se Ummid Kam Ho Gayi…

50. सामने आए मेरे, देखा मुझे, बात भी की,
मुस्कुराए भी, पुरानी किसी पहचान की ख़ातिर,
कल का अख़बार था, बस देख लिया, रख भी दिया।

Samane Aaye Mere, Dekha Mujhe Baat Ki,
Muskuraye Bhi, Purani Kisi Pahchan Ki Khatir,
Kal Ka Akhabaar Tha, Bas Dekh Liya, Rakh Bhi Diya…

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